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उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबले की चर्चा के बीच अब आम आदमी पार्टी भी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। पार्टी ने प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान करते हुए खुद को तीसरे मजबूत विकल्प के रूप में पेश करने का दावा किया है।
खटीमा पहुंचे आम आदमी पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट दया किशन कलौनी ने कहा कि पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने में जुटी हुई है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से प्रदेश संगठन निष्क्रिय था, लेकिन अब राष्ट्रीय नेतृत्व ने नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन कर दिया है। उमा सिसौदिया को प्रदेश अध्यक्ष और उन्हें प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दया किशन कलौनी ने आरोप लगाया कि राज्य गठन के 26 साल बाद भी उत्तराखंड आंदोलन की मूल भावना पूरी नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के लिए आज भी पहाड़ की जनता संघर्ष कर रही है। प्रदेश में बेरोजगारी और नशे की समस्या लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों ने जनता की उम्मीदों को पूरा नहीं किया। उनका दावा है कि प्रदेश की जनता अब एक नए राजनीतिक विकल्प की तलाश में है और आम आदमी पार्टी इसी उम्मीद के साथ आगे बढ़ रही है।
पार्टी ने घोषणा की है कि वह बिजली, पानी, शिक्षा, रोजगार और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी। दिल्ली और पंजाब मॉडल का हवाला देते हुए पार्टी नेताओं ने कहा कि यदि उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी की सरकार बनती है तो पहली कैबिनेट बैठक में ही 300 यूनिट मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े फैसले लिए जाएंगे।
इसके साथ ही पार्टी ने बंद पड़े करीब 1600 स्कूलों को पुनर्जीवित करने और उनके बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने का भी वादा किया है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान तेजी से चलाया जा रहा है और 2027 के चुनाव में पार्टी पूरे दमखम के साथ सभी 70 सीटों पर मैदान में उतरेगी।
