उपप्रधान
उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद अब ग्राम पंचायतों में उपप्रधान पद के चुनाव की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के 12 जिलों की 7,466 ग्राम पंचायतों में उपप्रधान पद के निर्वाचन के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। हरिद्वार जिला इस प्रक्रिया में शामिल नहीं होगा।
राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार उपप्रधान पद के लिए मतदान 15 जुलाई को कराया जाएगा। चुनाव की पूरी प्रक्रिया एक ही दिन में संपन्न होगी। सबसे पहले सुबह 10 बजे से 11 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। इसके बाद 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच होगी। दोपहर 12 बजे से 12:30 बजे तक प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकेंगे, जबकि 12:30 बजे से 1 बजे तक चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 1:30 बजे से 3:30 बजे तक मतदान होगा। मतदान समाप्त होने के बाद शाम 4 बजे से मतगणना शुरू की जाएगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे। उपप्रधान के चुनाव में ग्राम पंचायत के निर्वाचित सदस्य ही मतदान करेंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। आयोग के अनुसार मंगलवार को संबंधित जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में विस्तृत अधिसूचना जारी करेंगे और स्थानीय स्तर पर चुनावी तैयारियां तेज की जाएंगी।
पंचायत चुनाव के बाद अब उपप्रधानों का चुनाव ग्रामीण प्रशासन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपप्रधान ग्राम पंचायत के संचालन में प्रधान के सहयोगी की भूमिका निभाते हैं और कई प्रशासनिक व विकास कार्यों में उनकी अहम जिम्मेदारी होती है। ऐसे में इस चुनाव को ग्रामीण शासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रदेशभर में उपप्रधान चुनाव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। प्रशासनिक अमला मतदान केंद्रों की व्यवस्था, चुनाव सामग्री और अन्य आवश्यक प्रबंधों को अंतिम रूप देने में जुट गया है। 15 जुलाई को होने वाले इस चुनाव के साथ ही अधिकांश ग्राम पंचायतों में नई पंचायत व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय हो जाएगी और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

