देहरादून में हरेला पखवाड़ा के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए क्षेत्रीय सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने “एक वृक्ष गुरु जी के नाम” अभियान में भाग लेकर वृक्षारोपण किया। अनिकेत विहार वेल्फेयर सोसाइटी में आयोजित इस कार्यक्रम ने समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का एक मजबूत संदेश दिया।
यह अभियान सोसाइटी के संरक्षक प्रोफेसर महेंद्र प्रताप सिंह बिष्ट की पहल पर शुरू किया गया है। इस वर्ष प्रारंभ हुए इस मिशन को उत्तराखंड के विभिन्न शिक्षण संस्थानों, शिक्षकों, प्रधानाचार्यों और समाज के प्रबुद्ध नागरिकों का लगातार समर्थन मिल रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि गुरुजनों के सम्मान के साथ प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्वयं पौधारोपण कर लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ते वैश्विक तापमान के दौर में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करे। उन्होंने मोहल्ला समितियों और सामाजिक संगठनों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जनसहयोग से ही हरित उत्तराखंड का सपना साकार किया जा सकता है।
सांसद ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान वर्ष 2017-18 में शुरू किए गए “रिस्पना से ऋषिपर्णा” पुनर्जीवन अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान को लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने वर्ष 2019 में लगाए गए वृक्षों को आज हरा-भरा देखकर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भविष्य में बड़े बदलाव का आधार बनते हैं।

इस अवसर पर पूर्व राज्य मंत्री खेम सिंह पाल, केदार मंडल महिला अध्यक्ष सरिता लिंगवाल, मंडल महामंत्री रजनीश कम्बोज, मंडल महामंत्री अनमोल विंजोला, मंत्री ललित शर्मा, आईटी संयोजक कला भट्ट, पार्षद दर्शन लाल विंजोला, सोसाइटी के सचिव सुधाकर वेंजवाल, उपाध्यक्ष विक्रम सिंह भंडारी, चीफ इंजीनियर नरेंद्र सिंह बिष्ट, इंजीनियर कुलदीप सिंह बिष्ट, सुनील बिष्ट, अनिल बिष्ट तथा सांसद के विशेष कार्यकारी अधिकारी अभय सिंह रावत सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
हरेला पखवाड़ा के दौरान आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सहभागिता और गुरु सम्मान का अनूठा संगम बनकर उभरा। “एक वृक्ष गुरु जी के नाम” अभियान अब उत्तराखंड में हरित भविष्य की दिशा में एक प्रेरणादायक जनआंदोलन का स्वरूप लेता दिखाई दे रहा है।

