श्यामा देवी
उत्तराखंड के टिहरी जिले के नैनबाग स्थित पैतृक गांव चिलामू में सोमवार को दिवंगत अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा की माता श्यामा देवी का पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया गया। यमुना नदी के पावन तट पर हजारों लोगों की मौजूदगी में उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
श्यामा देवी का रविवार को दिल्ली में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। उनका पार्थिव शरीर सोमवार को पैतृक गांव लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। अंतिम यात्रा में स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
अंतिम संस्कार के दौरान श्यामा देवी को मुखाग्नि उनके छोटे पुत्र सुभाष राणा और दिवंगत जसपाल राणा के पुत्र युवराज सिंह ने दी। वहीं उनकी पुत्री सुषमा राणा सिंह ने भी अपनी मां की अर्थी को कंधा देकर भावुक विदाई दी। पूरे माहौल में गहरा शोक और संवेदना का वातावरण देखने को मिला।
नैनबाग और सुमन क्यारी बाजार शोक स्वरूप पूर्ण रूप से बंद रहे। लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए राणा परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
प्रधान मनीष चौहान ने कहा कि कुछ ही दिन पहले देश के गौरव और अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा का निधन हुआ था और अब उनकी माता श्यामा देवी के देहांत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि राणा परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मसूरी नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि गोल्डन बॉय के नाम से प्रसिद्ध जसपाल राणा के निधन के बाद अब उनकी माता के चले जाने से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
श्यामा देवी के निधन के साथ ही राणा परिवार एक और गहरे दुख से गुजर रहा है। क्षेत्र के लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सामाजिक योगदान और परिवार के प्रति सम्मान को याद किया। यमुना तट पर दी गई अंतिम विदाई ने हर मौजूद व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।

