कैलाश मानसरोवर
कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 को लेकर विदेश मंत्रालय ने भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने निजी टूर ऑपरेटरों के माध्यम से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि बिना आवश्यक वीजा और यात्रा परमिट के यात्रा शुरू न करें।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, कई भारतीय नागरिक निजी टूर ऑपरेटरों के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले, लेकिन चीन में प्रवेश के लिए आवश्यक वीजा और परमिट नहीं होने के कारण नेपाल में फंस गए हैं। ऐसे कई यात्रियों ने भारत सरकार से सहायता की मांग की है, जिसके बाद मंत्रालय ने यह परामर्श जारी किया।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यात्रा शुरू करने से पहले सभी आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना यात्रियों की जिम्मेदारी है। साथ ही श्रद्धालुओं को यह भी सलाह दी गई है कि वे केवल पंजीकृत और अधिकृत टूर ऑपरेटरों के माध्यम से ही यात्रा करें। किसी भी एजेंसी के साथ यात्रा बुक करने से पहले उसके पंजीकरण और वैधता की पूरी जांच कर लें।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि अधूरे दस्तावेजों के साथ यात्रा शुरू करने पर श्रद्धालुओं को नेपाल या सीमा क्षेत्रों में रुकना पड़ सकता है, जिससे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ अनावश्यक परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है।
गौरतलब है कि विदेश मंत्रालय ने अप्रैल में घोषणा की थी कि कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 जून से अगस्त के बीच आयोजित की जाएगी। यात्रा उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे और सिक्किम के नाथू ला मार्ग से संचालित होगी। भारत और चीन के बीच संबंधों में सुधार के बाद यह यात्रा पिछले वर्षों की तरह फिर से सुचारु रूप से संचालित की जा रही है।
विदेश मंत्रालय ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले वीजा, परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेजों की पुष्टि अवश्य करें, ताकि उनकी धार्मिक यात्रा सुरक्षित, सुगम और निर्विघ्न पूरी हो सके।

