ऋषिकेश में चारधाम यात्रा पंजीकरण व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आई। ट्रांजिट कैंप और आईएसबीटी स्थित पंजीकरण केंद्रों पर भारी भीड़ के बीच तीर्थयात्रियों में धक्का-मुक्की और मारपीट की घटनाएं सामने आईं। हालात इतने बिगड़ गए कि भीड़ के दबाव में एक महिला तीर्थयात्री बेहोश हो गई, जबकि कई यात्रियों ने घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद पंजीकरण न होने पर नाराजगी जताई।
मंगलवार को ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। कई यात्री रात 12 बजे से लाइन में लगे रहे, लेकिन दोपहर तक भी उनका नंबर नहीं आया। दोपहर करीब एक बजे पंजीकरण काउंटर के बाहर अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। मौके पर मौजूद पुलिस और पैरामिलिट्री जवानों ने स्थिति को संभाला।
भीड़ के कारण दम घुटने और भगदड़ जैसे हालात बन गए। एक महिला तीर्थयात्री अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहीं रोडवेज टिकट काउंटर पर भी यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ी रही। लाइन तोड़कर आगे बढ़ने को लेकर यात्रियों में विवाद हो गया, जिससे टिकट काउंटर का शीशा और लोहे का जाल टूट गया।
तीर्थयात्रियों का आरोप है कि प्रशासन ने भीड़ के हिसाब से पर्याप्त इंतजाम नहीं किए हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए अलग व्यवस्था न होने से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई श्रद्धालुओं का चौथे दिन भी पंजीकरण नहीं हो पाया। दोपहर दो बजे स्लॉट फुल होने पर पंजीकरण बंद कर दिया गया, जिससे यात्रियों में और नाराजगी बढ़ गई।
चारधाम यात्रा में लगातार बढ़ती भीड़ अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। शासन ने अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी तैनात करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन मौके पर पर्याप्त पुलिस व्यवस्था न होने से अव्यवस्था बढ़ती नजर आई। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से पंजीकरण व्यवस्था को सुचारू बनाने और अतिरिक्त काउंटर बढ़ाने की मांग की है।

