बदरीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की जांच ने बड़ा खुलासा किया है। मंदिर समिति के निलंबित कर्मचारी और मामले के आरोपी प्रमोद नौटियाल की कथित करतूतें अब सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि फुटेज में आरोपी कई बार मंदिर की भेंट सामग्री और नकदी को छिपाकर बाहर ले जाता दिखाई दे रहा है।
दरअसल, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से थाली भेंट की गणना के दौरान वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद चमोली पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया। जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण किया गया, गवाहों के बयान दर्ज किए गए और गणना कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला गया।
एसआईटी के अनुसार, 2 जुलाई की फुटेज में प्रमोद नौटियाल कई बार गणना कक्ष से ₹500 के नोट, सोने-चांदी के सिक्कों के पैकेट, शालिग्राम शिला और केसर के पैकेट अपने मोबाइल फोन के नीचे छिपाकर और जेब में रखकर बाहर ले जाता दिखाई देता है। जांच में यह भी सामने आया कि मंदिर में उपयोग होने वाला केसर बेहद कीमती होता है, जिसकी कीमत बाजार में लाखों रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है।
एसआईटी का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले। इसके बाद 12 जुलाई की रात पुलिस ने प्रमोद नौटियाल को उसके देहरादून स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे पूछताछ के लिए चमोली लाया गया है, जहां उससे मामले के विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ जारी है।
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और यदि साक्ष्यों में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में एसआईटी हर पहलू की गहन जांच कर रही है, ताकि चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।

