देहरादून: चकराता क्षेत्र के खारसी गांव में बुधवार को एक अनोखा और आकर्षक नजारा देखने को मिला, जब एक ही परिवार में पांच दुल्हनें अपनी-अपनी बारात लेकर पहुंचीं। यह विवाह जौनसार बावर की पारंपरिक “जोजोड़ा प्रथा” के तहत संपन्न हुआ।
गांव खारसी के संयुक्त परिवार में दो सगे भाइयों की छह संतानों का विवाह एक साथ हुआ। इसमें पांच बेटों की शादी में दुल्हनें बारात लेकर दूल्हों के घर पहुंचीं, जबकि परिवार की बेटी राधिका अपनी बारात लेकर दूल्हे के घर गई।
इस आयोजन में जौनसार बावर की पुरानी परंपराएं और संयुक्त परिवार की एकता साफ दिखाई दी। खास बात यह रही कि सभी शादियां दहेजरहित रहीं और परंपरा के अनुसार सीमित सामान ही दिया गया।
गांव में एक साथ “रईणी भोज” का आयोजन भी किया गया….जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस सामूहिक विवाह का उद्देश्य फिजूलखर्ची रोकना और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना बताया गया।

इस अनोखे विवाह समारोह को देखने के लिए आसपास के गांवों के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे और जौनसार बावर की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिली।
