बदरीनाथ धाम में चढ़ावा हेराफेरी मामले की जांच अब और तेज हो गई है। पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच का दायरा बढ़ाते हुए अब आरोपियों की चल और अचल संपत्तियों की भी जांच शुरू करने का फैसला किया है। यदि जांच के दौरान आय से अधिक संपत्ति मिलने के प्रमाण सामने आते हैं, तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ अलग से कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, चढ़ावे की गणना में लंबे समय से अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेज और संबंधित अभिलेखों की गहन जांच कराई जा रही है। पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि विशेषज्ञों की मदद से सभी दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावा गणना कक्ष की सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह बदल दी गई है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए गणना कक्ष में शीशे की दीवार लगाई गई है, ऊपरी हिस्से में मजबूत सुरक्षा जाली स्थापित की गई है और पूरे कक्ष की निगरानी के लिए पांच हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अब गणना प्रक्रिया की हर गतिविधि रिकॉर्ड होगी, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
मामले के मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल की पुलिस कस्टडी रिमांड को लेकर शनिवार को न्यायालय में सुनवाई होनी है। यदि पुलिस को रिमांड मिलती है तो पूछताछ के दौरान कई नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले एक अन्य आरोपी राजेंद्र चौहान को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
उधर, शासन के निर्देश पर मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित जांच समिति भी स्वतंत्र रूप से पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। समिति सीसीटीवी फुटेज, वित्तीय अभिलेख और कर्मचारियों की गतिविधियों का बारीकी से विश्लेषण कर रही है। जिन कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध दिखाई दे रही है, उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है।

