उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। शनिवार सुबह दोनों धाम घने कोहरे और लगातार हो रही हल्की बारिश की चादर में लिपटे नजर आए। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और ठंड का असर बढ़ गया है। हालांकि प्रतिकूल मौसम के बावजूद चारधाम यात्रा प्रशासन की निगरानी में सुचारु रूप से जारी है और श्रद्धालु बाबा केदार व भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर रहे हैं।
केदारनाथ धाम में सुबह से घना कोहरा छाया रहा, जबकि लगातार बारिश के कारण पूरे क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। अब तक 14 लाख 14 हजार 590 से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रा पूरी तरह सुरक्षित है और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि पिछले दो दिनों में भारी बारिश के अलर्ट के चलते सुरक्षा के मद्देनजर यात्रा को कुछ समय के लिए रोका गया था और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया था। फिलहाल यात्रा सामान्य रूप से संचालित हो रही है। प्रशासन ने आगामी कांवड़ यात्रा को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और विशेष ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान भी तैयार किया है।
वहीं, बदरीनाथ धाम में भी सुबह से कोहरा और हल्की बारिश का दौर जारी है। मौसम खराब होने के कारण यात्रियों की संख्या में कुछ कमी जरूर आई है, लेकिन दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी हुई है और श्रद्धालु बिना किसी बड़ी परेशानी के भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर रहे हैं।
इस बीच चारधाम यात्रा को और सुगम बनाने के लिए रुद्रप्रयाग में बन रहे मोटर ब्रिज और टनल प्रोजेक्ट का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। लगभग 99 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अगस्त में इसकी लोड टेस्टिंग के बाद इसे यातायात के लिए खोलने की तैयारी है। करीब 156 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना के शुरू होने के बाद रुद्रप्रयाग बाजार में लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। इससे चारधाम यात्रा अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक बनने के साथ स्थानीय लोगों को भी बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी।

