हल्द्वानी एक बार फिर उत्तराखंड की सियासत का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ढाई साल बाद उत्तराखंड दौरे पर आ रहे हैं। 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित विशाल कार्यकर्ता रैली के जरिए कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों का शंखनाद करेगी। पार्टी का दावा है कि इस रैली में 35 से 40 हजार कार्यकर्ता शामिल होंगे। वहीं कांग्रेस इस मंच से भाजपा सरकार को कई अहम मुद्दों पर घेरने की रणनीति तैयार कर चुकी है।
राहुल गांधी के हालिया देहरादून दौरे और “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम के बाद अब कांग्रेस अपने चुनावी अभियान को और तेज करने जा रही है। पार्टी की नजर खास तौर पर कुमाऊं मंडल की 29 विधानसभा सीटों पर है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को प्रदेश की 70 सीटों में से 19 सीटें मिली थीं, जिनमें 11 सीटें कुमाऊं क्षेत्र की थीं। ऐसे में कांग्रेस इस क्षेत्र को अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत मानते हुए चुनावी माहौल को अपने पक्ष में करने की कोशिश में जुटी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की रैली की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। पार्टी संगठन बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को जोड़ने में लगा है, ताकि हल्द्वानी की रैली को ऐतिहासिक बनाया जा सके। कांग्रेस का कहना है कि राष्ट्रीय नेतृत्व उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को गंभीरता से ले रहा है और आने वाले समय में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई बड़े नेताओं के भी प्रदेश दौरे प्रस्तावित हैं।
रैली के दौरान कांग्रेस पेपर लीक, बेरोजगारी, महंगाई, कानून व्यवस्था, चढ़ावा चोरी और युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। पार्टी का आरोप है कि इन मुद्दों पर राज्य सरकार पूरी तरह विफल रही है और जनता बदलाव चाहती है। कांग्रेस इन्हीं मुद्दों को आधार बनाकर भाजपा पर राजनीतिक हमला बोलेगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रस्तावित दौरे को लेकर कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने वरिष्ठ नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक कर तैयारियों की समीक्षा भी की। उन्होंने सभी नेताओं को आपसी समन्वय के साथ रैली को सफल बनाने के निर्देश दिए।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हल्द्वानी की यह रैली केवल एक जनसभा नहीं, बल्कि उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत होगी। अब देखना होगा कि खरगे की यह रैली कांग्रेस कार्यकर्ताओं में कितना उत्साह भरती है और प्रदेश की चुनावी राजनीति पर इसका कितना असर पड़ता है।

