उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर रौद्र रूप दिखाने के लिए तैयार है। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर के कुछ इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले दो दिनों तक कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन, जलभराव, नदी-नालों के उफान और सड़कें बाधित होने का खतरा भी बढ़ गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
रेड अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सभी विभागाध्यक्षों, विभागीय नोडल अधिकारियों, त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में जेसीबी मशीनें, राहत एवं बचाव उपकरण, आवश्यक मानव संसाधन और अन्य संसाधनों की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की आपदा या अप्रिय घटना की सूचना तत्काल जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को दी जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ लगातार हालात पर नजर रखें और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
मौसम विभाग ने 20 जुलाई के लिए भी रेड अलर्ट और 21 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और जोखिम वाले स्थानों पर जाने से बचें। खराब मौसम के दौरान जिला प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। प्रशासन का कहना है कि समय रहते सावधानी बरतकर जन-धन के नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।

