देहरादून में राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान के मॉडल स्कूल फॉर विजुअल डिसएबिलिटीज के छात्रों का कई दिनों से चला आ रहा आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया। छात्र लैपटॉप हॉस्टल खेल मैदान और जिम समेत विभिन्न मांगों को लेकर तीन अगस्त से आंदोलन कर रहे थे। मंगलवार को संस्थान की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद छात्रों ने आंदोलन खत्म करने का फैसला लिया।
छात्रों का कहना था कि संस्थान में उनकी कई जरूरी मांगों और सुविधाओं को लेकर लंबे समय से स्थिति स्पष्ट नहीं थी। इसी को लेकर छात्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन शुरू किया था। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने संस्थान में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग उठाई।
मामले को लेकर संस्थान के निदेशक डॉ. विनोद कैन ने भी वीडियो संदेश जारी कर छात्रों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छात्रों की सभी मांगों को लेकर उच्च अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से मामले के समाधान के लिए तत्काल प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं।
संस्थान प्रशासन के मुताबिक छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बाद सक्षम प्राधिकारी की ओर से कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इन प्रस्तावों के तहत संस्थान में विभिन्न सुधारात्मक बदलाव लागू किए जा चुके हैं। प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुविधाओं और उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
लिखित आश्वासन मिलने के बाद छात्रों ने उसका अध्ययन किया और इसके बाद आंदोलन समाप्त करने पर सहमति जताई। छात्रों के आंदोलन समाप्त करने के फैसले के बाद संस्थान प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।
प्रशासन ने कहा कि राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान का मॉडल स्कूल फॉर विजुअल डिसएबिलिटीज देशभर में दृष्टिबाधित छात्रों की शिक्षा और सशक्तीकरण के क्षेत्र में अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। संस्थान का उद्देश्य दृष्टिबाधित छात्रों को बेहतर शिक्षा के साथ जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है।

