उत्तराखंड में चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त होने वाले अग्निवीरों के रोजगार को लेकर राज्य सरकार ने नई पहल की है। सेना के वरिष्ठ अधिकारी रहे कर्नल विजय मनराल अग्निवीर रोजगार सेल का नेतृत्व करेंगे। औपचारिक घोषणा के बाद कर्नल मनराल सेल का कामकाज संभालेंगे और अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसर जुटाने की जिम्मेदारी निभाएंगे।
कर्नल विजय मनराल सेना में कौशल विकास और सैनिकों के पुनर्वास से जुड़े कार्यों का अनुभव रखते हैं। वह सेना की कौशल वीर योजना के तहत सैनिकों के पुनर्वास का काम कर चुके हैं। इसके अलावा वह सेना की मानव संसाधन यूनिट में भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसी अनुभव को देखते हुए उन्हें अग्निवीर रोजगार सेल की जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जुलाई में एक जनसभा के दौरान राज्य में सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर रोजगार सेल के गठन की घोषणा की थी। इसके बाद अगस्त में सरकार ने कैबिनेट प्रस्ताव के जरिए अग्निवीर रोजगार सेल के गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
जानकारी के मुताबिक इस साल के अंत तक उत्तराखंड के करीब 1190 युवा अग्निवीर के तौर पर अपनी चार साल की सेवा पूरी कर सेवानिवृत्त होंगे। ऐसे में इन युवाओं के लिए सैन्य सेवा के बाद रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना इस सेल की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होगा।
सेल की ओर से अग्निवीरों के कौशल और अनुभव के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार के अवसर तलाशने की योजना है। इससे निजी क्षेत्र के साथ-साथ विभिन्न संस्थानों और अन्य रोजगार विकल्पों को भी जोड़े जाने की उम्मीद है।
अग्निवीर योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने के बाद बड़ी संख्या में युवाओं को सेना से बाहर आना होता है। ऐसे में उनके पुनर्वास और रोजगार को लेकर राज्यों की ओर से अलग-अलग प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्तराखंड में अब अग्निवीर रोजगार सेल के जरिए इस दिशा में व्यवस्थित तरीके से काम करने की तैयारी है। कर्नल विजय मनराल के अनुभव के साथ सेल के औपचारिक रूप से काम शुरू करने के बाद अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसर जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

