उत्तराखंड के लिए शनिवार का दिन बेहद दर्दनाक साबित हुआ। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुए सड़क हादसों ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली में हुए भीषण सड़क दुर्घटनाओं में कुल नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। हादसों के बाद अस्पतालों से लेकर गांवों तक मातम का माहौल पसरा रहा।

सबसे पहला हादसा उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ। गंगोत्री से उत्तरकाशी आ रही एक स्विफ्ट कार गंगनानी के पास अनियंत्रित होकर लगभग 80 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। कार में पांच लोग सवार थे। दुर्घटना में महाराष्ट्र के नागपुर निवासी लक्ष्मी दामोदर रामटेककर और दामोदर हरीराम रामटेककर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में भर्ती कराया गया है।
वहीं रुद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ क्षेत्र में तोड़ीधार-पैलिंग मोटर मार्ग पर एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। वाहन सड़क से करीब 50 फीट नीचे गिरकर पेड़ पर अटक गया। हादसे में महेंद्र सिंह, अंजन सिंह और संगीता देवी की मौत हो गई। वहीं दो महिलाओं समेत चार बच्चे घायल हो गए। पुलिस, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी को अस्पताल पहुंचाया।

सबसे हृदयविदारक हादसा चमोली जिले में सामने आया। यहां देवाल ब्लॉक के ल्वाणी के पास एक कार करीब 400 मीटर गहरी खाई में गिर गई। कार में सवार लोग अपने परिजन के अंतिम संस्कार में शामिल होने देहरादून से गांव लौट रहे थे। हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों बलवीर सिंह, उनकी पत्नी शांति देवी और बेटे आशीष की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद एयर एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश भेजा गया।
इन तीनों हादसों ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और सुरक्षित यात्रा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने सभी मामलों में जांच शुरू कर दी है। लेकिन जिन परिवारों ने अपने अपनों को खो दिया, उनके लिए यह दिन जिंदगी भर का दर्द बन गया है।
उत्तराखंड में एक ही दिन में नौ मौतों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। हादसों का यह काला दिन लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहेगा।

