उत्तरकाशी। लगातार हो रही बारिश के चलते यमुनोत्री हाईवे पर एक बार फिर भूस्खलन ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रविवार सुबह हनुमान चट्टी से आगे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर सड़क पर आ गिरने से यमुनोत्री हाईवे पूरी तरह बंद हो गया। सड़क बंद होने से चारधाम यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा। हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि सड़क को जल्द से जल्द खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि यात्रियों की आवाजाही सामान्य हो सके। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
इधर, स्याना चट्टी के पास भी भूस्खलन के कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। हालांकि एनएच विभाग ने समय रहते मलबा हटाकर इस स्थान पर वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू करा दी। लेकिन लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण यमुनोत्री हाईवे पर सफर करना अभी भी जोखिम भरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्याना चट्टी और हनुमान चट्टी के आसपास कई स्थान बेहद संवेदनशील हो चुके हैं। हल्की बारिश होते ही पहाड़ियों से पत्थर और मलबा गिरने लगता है, जिससे हर बार सड़क बंद हो जाती है। लोगों ने सरकार से इन क्षेत्रों में स्थायी सुरक्षा उपाय करने और भूस्खलन रोकने के लिए प्रभावी योजना बनाने की मांग की है।
उधर, प्रदेशभर में भी बारिश और भूस्खलन का असर देखने को मिल रहा है। राज्य में कुल 34 सड़कें बंद हैं। इनमें पिथौरागढ़ में सबसे अधिक 10 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। इसके अलावा देहरादून और पौड़ी में छह-छह, चमोली और टिहरी में चार-चार, रुद्रप्रयाग में दो तथा नैनीताल में एक मार्ग प्रभावित है। संबंधित विभाग सभी बंद मार्गों को जल्द खोलने के लिए लगातार राहत और बहाली कार्य में जुटे हुए हैं। यात्रियों से मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की गई है।

