हरिद्वार : अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर हरिद्वार में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वातावरण के बीच श्री अखण्ड परमधाम गंगा घाट का लोकार्पण किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने कार्यक्रम में शिरकत की और देशभर से आए संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल एक घाट के उद्घाटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिक चेतना के निरंतर प्रवाह का प्रतीक है। उन्होंने स्वामी परमानन्द गिरि जी महाराज के जीवन को तप, त्याग और साधना का अद्वितीय उदाहरण बताते हुए कहा कि उनके विचार समाज को सेवा और मानव कल्याण की दिशा में प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने साध्वी ऋतंभरा जी के योगदान का भी उल्लेख किया और कहा कि उनका जीवन राष्ट्र और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। केदारखंड और मानसखंड मंदिर क्षेत्रों के विकास, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर और अन्य धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। अक्षय तृतीया के अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने समाज में आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल देते हुए सभी से संतों के आदर्शों को अपनाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर देशभर से आए संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम भक्ति और आस्था से सराबोर नजर आया।
