देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। कॉलेज में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही परिसर और मुख्य द्वार के आसपास बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी दिखाई दे रही है। हालांकि, इस बार कॉलेज में दाखिल लेने वाले छात्रों की संख्या पहले की तुलना में कम बताई जा रही है, ऐसे में चुनावी गतिविधियों के दौरान बढ़ती भीड़ चर्चा का विषय बनी हुई है।
छात्रसंघ चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद से डीएवी कॉलेज के आसपास प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की सक्रियता बढ़ गई है। मुख्य द्वार से लेकर कॉलेज परिसर के अलग-अलग हिस्सों तक चुनावी गतिविधियां नजर आ रही हैं। प्रत्याशी छात्रों से संपर्क कर अपने पक्ष में समर्थन जुटाने में लगे हैं।
इस चुनावी माहौल में सिर्फ मौजूदा छात्र ही सक्रिय नहीं हैं। एनएसयूआई, एबीवीपी और अन्य छात्र संगठनों से जुड़े पूर्व छात्रनेता भी अपने समर्थित प्रत्याशियों के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं। कॉलेज से पढ़ाई पूरी कर चुके कई पूर्व छात्रनेताओं की मौजूदगी भी चुनावी भीड़ का हिस्सा नजर आ रही है।
दरअसल, राज्य विश्वविद्यालय और गढ़वाल विश्वविद्यालय से संबद्ध कई महाविद्यालयों में पिछले कुछ वर्षों से छात्र प्रवेश में कमी और सीटें खाली रहने का मुद्दा सामने आता रहा है। ऐसे में डीएवी कॉलेज में चुनाव के दौरान दिखाई दे रही युवाओं की संख्या ने यह सवाल खड़ा किया है कि इस भीड़ में कितने वर्तमान छात्र हैं और कितने पूर्व छात्रनेता या समर्थक।
नामांकन प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ अब प्रत्याशियों का पूरा फोकस प्रचार और छात्रों से संपर्क पर है। डीएवी कॉलेज लंबे समय से उत्तराखंड की छात्र राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में छात्रसंघ चुनाव के दौरान कॉलेज परिसर में बढ़ती गतिविधियां लगातार चर्चा में बनी हुई हैं।

