उत्तराखंड में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए लाई गई नई फिल्म नीति के बाद राज्य में फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी गतिविधियों में तेजी देखने को मिली है। अमर उजाला की 24 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, पांच साल से कम अवधि में उत्तराखंड में फिल्म शूटिंग पर करीब 1759 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
राज्य सरकार की नई फिल्म नीति 2024 में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था, अनुदान, प्रोत्साहन और फिल्म पुरस्कार जैसे प्रावधान किए गए हैं। इसका उद्देश्य शूटिंग की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ-साथ स्थानीय प्रतिभाओं और फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों को अवसर उपलब्ध कराना है।
आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच उत्तराखंड में 52 फिल्मों को अनुदान दिया गया। इनमें हिंदी के साथ-साथ स्थानीय भाषाओं में बनी फिल्में भी शामिल हैं। अकेले वित्तीय वर्ष 2025-26 में 25 फिल्मों को अनुदान मिला।वहीं, वर्ष 2019-20 से 2025-26 के बीच उत्तराखंड में 1440 से अधिक फिल्मों की शूटिंग हुई। सरकार का कहना है कि फिल्म शूटिंग बढ़ने से स्थानीय स्तर पर भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं। होटल, परिवहन और अन्य सेवाओं से जुड़े कारोबार को इसका फायदा मिला है।
फिल्म निर्माण से स्पॉट बॉय, तकनीकी स्टाफ, गाइड और दूसरे स्थानीय कामगारों के लिए रोजगार के अवसर भी बने हैं। इसके अलावा उत्तराखंड के स्थानीय कलाकारों को फिल्मों और वेब सीरीज में काम करने का मौका मिल रहा है।
उत्तराखंड सरकार के मुताबिक, फिल्म नीति का फोकस केवल शूटिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य में फिल्म निर्माण का इकोसिस्टम विकसित करना भी है। सरकारी दस्तावेजों में फिल्म सिटी, पोस्ट-प्रोडक्शन और एनीमेशन स्टूडियो जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने की दिशा भी बताई गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार करना चाहती है। उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और अलग-अलग भौगोलिक लोकेशन फिल्मों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

