टिहरी गढ़वाल में शिक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए अपर जिला अधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज टिहरी, राजकीय प्रताप इंटर कॉलेज बोराड़ी और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों, शिक्षकों की उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता का बारीकी से मूल्यांकन किया गया।
निरीक्षण के दौरान राहत की बात यह रही कि तीनों संस्थानों में कोई भी शिक्षक या कर्मचारी अनुपस्थित नहीं मिला। सभी विद्यालय निर्धारित समय के अनुसार संचालित होते पाए गए और कक्षाओं में नियमित रूप से पठन-पाठन जारी था। अपर जिला अधिकारी ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया और उनकी पढ़ाई, विषयों की समझ तथा विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित करते हुए शिक्षकों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
हालांकि निरीक्षण के दौरान एक गंभीर मुद्दा भी सामने आया। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज टिहरी और राजकीय प्रताप इंटर कॉलेज बोराड़ी में छात्र संख्या लगातार घटती पाई गई। इस पर अपर जिला अधिकारी ने चिंता व्यक्त करते हुए विद्यालय प्रबंधन समितियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समुदाय के सहयोग से छात्र नामांकन बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराकर लोगों का विश्वास मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इन विद्यालयों की ओर आकर्षित हों।
इसके बाद अपर जिला अधिकारी ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) का भी निरीक्षण किया। यहां संचालित डीएलएड पाठ्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से बातचीत की और उन्हें भविष्य के शिक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाने की सलाह दी। उन्होंने विशेष रूप से सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा की चुनौतियों को समझते हुए विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का दृष्टिकोण विकसित करने पर बल दिया।
निरीक्षण के दौरान डायट के कला एवं संस्कृति कक्ष, पुस्तकालय और अन्य शैक्षणिक संसाधनों का भी अवलोकन किया गया। अपर जिला अधिकारी ने उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर डायट के प्रभारी प्राचार्य दीपक रतूड़ी सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों का नियमित निरीक्षण जारी रहेगा, ताकि शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाया जा सके।

