आशीष चौहान
देहरादून। राजधानी देहरादून के नए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने पदभार संभालने के बाद शहर के विकास, यातायात, जनसुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया है। उनका मानना है कि देहरादून के सामने सबसे बड़ी चुनौती विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने की है।
एक विशेष बातचीत में डीएम आशीष चौहान ने कहा कि देहरादून तेजी से विकसित हो रहा शहर है और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से इसकी दूरी कम होने के कारण यहां लगातार आबादी बढ़ रही है। ऐसे में शहर की मूल पहचान और प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए विकास करना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि देहरादून में ग्रीन कैपिटल बनने की पूरी क्षमता है, लेकिन इसके लिए योजनाबद्ध और सतत विकास जरूरी है।
डीएम ने शहर की यातायात समस्या को भी गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि देहरादून और ऋषिकेश में सीमित स्थान के कारण ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसके समाधान के लिए पुलिस और अन्य विभागों के साथ मिलकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। शहर के विभिन्न बॉटलनेक चिन्हित कर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
डॉ. चौहान ने जनता दरबार का नाम बदलकर “समाधान दिवस” करने के फैसले को भी उचित ठहराया। उन्होंने कहा कि प्रशासन जनता की सेवा के लिए है और शिकायत लेकर आने वाला व्यक्ति याचक की तरह महसूस न करे। समाधान दिवस का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निस्तारण करना है। इसी क्रम में भूमि संबंधी धोखाधड़ी और विवादों के समाधान के लिए विशेष सेल के गठन की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में पेयजल, ड्रेनेज सिस्टम, स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं का विस्तार प्रमुख रूप से शामिल है। दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने और कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई करने वाले छात्रों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने के लिए भी विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं।
देहरादून की अर्थव्यवस्था को लेकर डीएम ने कहा कि पर्यटन और रियल एस्टेट यहां के प्रमुख आर्थिक आधार हैं। इन क्षेत्रों को मजबूत करने के साथ-साथ बाहरी निवेशकों और यहां काम करने वाले लोगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना भी प्रशासन की प्राथमिकता होगी। उनका कहना है कि विकास, जनसुविधा और पर्यावरण संरक्षण के संतुलन से ही देहरादून को नई पहचान मिल सकेगी।

