जनरल खंडूड़ी
नई दिल्ली। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी रहे दिवंगत मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी को नई दिल्ली में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में याद किया गया। वक्ताओं ने उनके सैन्य जीवन, राजनीतिक योगदान, ईमानदार छवि और जनसेवा के प्रति समर्पण को देश और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
साध नगर पालम स्थित विशाल शिव मंदिर धर्मशाला में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनीतिक सहयोगियों और उत्तराखंड समाज से जुड़े लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तराखंड समाज, साध नगर और पर्वतीय लोकविकास समिति द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
जनरल खंडूड़ी अमृतोत्सव अभिनंदन समिति के अध्यक्ष और पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद सिंह रावत ने कहा कि मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी का जीवन संघर्ष, पराक्रम, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि देश के लिए तीन युद्धों में योगदान देने, केंद्र सरकार में सफल मंत्री के रूप में कार्य करने और उत्तराखंड में लोकायुक्त कानून लागू कर सुशासन की मिसाल पेश करने जैसी उपलब्धियां उन्हें विशिष्ट बनाती हैं। उन्होंने कहा कि जनरल खंडूड़ी के संस्कारों, सिद्धांतों और आदर्शों को अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार में मीडिया सलाहकार प्रोफेसर सूर्य प्रकाश सेमवाल ने कहा कि सेना में एक कुशल इंजीनियर और सफल अधिकारी के रूप में पहचान बनाने के बाद जनरल खंडूड़ी ने सार्वजनिक जीवन में भी उत्कृष्ट योगदान दिया। उन्होंने बताया कि पृथक उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौर में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी। पहली बार सांसद बनने के बाद भी उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय सचेतक बनाया गया और बाद में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय का दायित्व सौंपा गया। उन्होंने कहा कि खंडूड़ी ने हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ निभाया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और जनरल खंडूड़ी के सहयोगी रहे श्यामलाल मजेड़ा ने कहा कि जनरल साहब को उनकी राष्ट्रभक्ति, प्रशासनिक क्षमता और निष्कलंक सार्वजनिक जीवन के लिए हमेशा याद किया जाएगा। वहीं उत्तराखंड समाज के अध्यक्ष प्रभाकर ध्यानी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के इस सपूत ने सेना से लेकर राजनीति और जनसेवा तक हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में जनरल खंडूड़ी जैसे ईमानदार, अनुशासित और पारदर्शी नेतृत्व की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों, पूर्व सैनिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
सभा के अंत में वक्ताओं ने उनके जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया और कहा कि जनरल खंडूड़ी का व्यक्तित्व और कृतित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

