टिहरी में आयुक्त का एक्शन मोड
टिहरी गढ़वाल। राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव रंजना राजगुरु ने शुक्रवार को टिहरी गढ़वाल में राजस्व कार्यों, न्यायालयी मामलों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया।
बैठक के दौरान आयुक्त ने तहसीलदारों के नियमित प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बदलती प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप अधिकारियों और कर्मचारियों को लगातार प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने एमएमआर कार्यों के लिए आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति बढ़ाने और ई-ऑफिस प्रणाली को पूर्ण रूप से ऑनलाइन संचालित करने के निर्देश दिए।

आयुक्त रंजना राजगुरु ने टिहरी कलेक्ट्रेट और मॉडर्न रिकॉर्ड रूम का किया निरीक्षण
राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव रंजना राजगुरु ने जनपद टिहरी गढ़वाल के कलेक्ट्रेट परिसर, तहसील कार्यालय और मॉडर्न रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने राजस्व विभाग के विभिन्न अनुभागों में चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आयुक्त ने जिलाधिकारी न्यायालय और उपजिलाधिकारी न्यायालय से संबंधित फाइलों का अवलोकन किया तथा लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्यायालयों में नियमित सुनवाई सुनिश्चित की जाए ताकि आमजन को त्वरित न्याय मिल सके।
निरीक्षण के दौरान अमीनों की रसीदों, जमा अभिलेखों और राजस्व रिकॉर्ड की भी जांच की गई। मॉडर्न रिकॉर्ड रूम में खाता-खतौनी सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों के रख-रखाव का निरीक्षण करते हुए उन्होंने रिकॉर्ड को सुव्यवस्थित और अद्यतन रखने के निर्देश दिए।
नजारत अनुभाग में रजिस्टरों और डाक निस्तारण की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने को कहा। साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री राहत कोष, पेंशन प्रकरणों और ऑडिट रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई। उन्होंने सभी मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

आयुक्त रंजना राजगुरु ने अधिकारियों से कहा कि भूमि संबंधी प्रकरणों की ऑनलाइन प्राप्ति और निस्तारण व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए, जिससे आम जनता को पारदर्शी और त्वरित सेवाएं उपलब्ध हो सकें। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, आईएएस प्रशिक्षु ज्योति और एसडीएम कमलेश मेहता सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

