देहरादून : देहरादून के रायपुर थाना क्षेत्र स्थित प्राइमस अस्पताल में इलाज के दौरान हुई एक व्यक्ति की मौत के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है और एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
17 सितंबर को हुई इस घटना के बाद प्रशासन की संयुक्त टीम ने अस्पताल में विस्तृत जांच की। जांच में कई गंभीर खामियां सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार मरीजों का रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से नहीं रखा जा रहा था। इलाज करने वाले डॉक्टरों का विवरण और संबंधित दस्तावेज भी सही रूप से उपलब्ध नहीं पाए गए। रिकॉर्ड प्रबंधन में पाई गई इन अनियमितताओं को विभाग ने गंभीर लापरवाही माना।
जांच रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया। जुर्माने की राशि अस्पताल प्रबंधन द्वारा जमा कर दी गई है। हालांकि मामले में नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) की जांच अभी जारी है और अंतिम निर्णय उसके निष्कर्षों पर निर्भर करेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन ने स्वयं अस्पताल बंद करने की इच्छा जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजीकरण सस्पेंड होने के बाद अस्पताल का संचालन वैध नहीं है। यदि 7 से 10 दिनों के भीतर अस्पताल पूरी तरह बंद नहीं किया गया तो विभाग की टीम मौके पर जाकर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करेगी…जिसमें सीलिंग की कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।

घटना के बाद जिले में निजी अस्पतालों की निगरानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
