देहरादून : देहरादून से हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री Trivendra Singh Rawat संसद के बजट सत्र में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने मातृशक्ति का आशीर्वाद प्राप्त किया और नारी सशक्तिकरण को लेकर अपने संकल्प को दोहराया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं के सम्मान, विश्वास और समान अवसर का प्रतीक है। यह कानून महिलाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में पारित इस अधिनियम के तहत संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, जिससे नीति निर्माण में उनकी भूमिका और मजबूत होगी।
त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि महिलाओं को विकास की मुख्यधारा में लाना विकसित भारत के निर्माण की अनिवार्य शर्त है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अधिनियम देश की आधी आबादी को नई दिशा और अवसर प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि यह पहल “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और समाज को अधिक समावेशी और सशक्त बनाएगी।

फिलहाल, संसद के विशेष सत्र को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हैं और इस अधिनियम को लेकर देशभर में चर्चा जारी है।
