देहरादून : उत्तराखंड में बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे राज्य में बिजली संकट की स्थिति बनने लगी है। इस हालात से निपटने के लिए Uttarakhand Power Corporation Limited ने केंद्र सरकार से अतिरिक्त 150 मेगावाट बिजली की मांग की है।
बताया जा रहा है कि प्रदेश में इस समय बिजली की मांग करीब 5.3 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई है…जबकि उपलब्धता केवल 4.5 करोड़ यूनिट के आसपास है।
यूपीसीएल के अधिकारियों के अनुसार देशभर में चल रही हीट वेव, गैस की कमी और जलविद्युत उत्पादन में गिरावट के कारण बिजली आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। राज्य में 321 मेगावाट के गैस आधारित संयंत्र भी गैस की कमी के कारण पूरी क्षमता से उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं।
इसके अलावा नदियों में जल स्तर कम होने से हाइड्रो पावर उत्पादन प्रभावित हुआ है। वहीं इंडक्शन कुकर और अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल से बिजली का लोड 50 से 100 मेगावाट तक बढ़ गया है।
स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केंद्रीय ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल ने केंद्रीय पूल से 150 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
इसके साथ ही राज्य ने ऊर्जा एक्सचेंज के माध्यम से भी बिजली खरीदने की तैयारी की है। योजना के तहत 1 से 15 मई तक 100 मेगावाट और 16 से 31 मई तक 225 मेगावाट अतिरिक्त बिजली खरीदी जाएगी।
सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति सुचारू रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।