बीरेश्वर गोस्वामी
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान शहीद हुए लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी को रविवार को अल्मोड़ा में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके पार्थिव शरीर को सेना के विमान से जम्मू से पंतनगर और फिर हेलिकॉप्टर के माध्यम से अल्मोड़ा लाया गया। आर्मी हेलीपैड पर सेना के अधिकारियों और जवानों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके बाद तिरंगे में लिपटे उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए पांडेखोला स्थित आवास ले जाया गया। रास्ते भर लोगों ने पुष्प वर्षा कर अपने वीर सपूत को नमन किया। अंतिम दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और शहीद को श्रद्धांजलि दी। माता-पिता और परिजनों का दर्द देखकर हर आंख नम हो गई।
विश्वनाथ घाट पर पूरे सैन्य सम्मान और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। भारतीय सेना ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने वीर अधिकारी को अंतिम सलामी दी।
लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी का सैन्य करियर बेहद उज्ज्वल था। जनवरी 2023 में सेना में शामिल हुए बीरेश्वर को जून 2024 में कमीशन मिला था और महज दो दिन बाद वे कैप्टन बनने वाले थे। लेकिन उससे पहले ही उन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल और आर्मी स्कूल रानीखेत से पढ़ाई करने वाले बीरेश्वर बचपन से ही मेधावी छात्र थे। कई प्रतिष्ठित संस्थानों में चयन होने के बावजूद उन्होंने देश सेवा का मार्ग चुना। उनका बलिदान हमेशा देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।

