देहरादून: उत्तराखंड में शिक्षकों और सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है। जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संगठन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और जनगणना 2026-27 के बहिष्कार की चेतावनी दी है।
शिक्षक संगठन का कहना है कि जनगणना कार्य के लिए उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है…जबकि उनकी समस्याएं वर्षों से लंबित हैं। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि शिक्षकों को अपने निजी मोबाइल, सिम और डाटा का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर किया जा रहा है…जो पूरी तरह अस्वीकार्य है।
शिक्षकों ने साफ कहा है कि यदि सरकार उनसे जनगणना कार्य करवाना चाहती है…तो उन्हें जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही टीईटी छूट, पदोन्नति, वेतनमान, पुरानी पेंशन बहाली और स्वास्थ्य सुविधाओं सहित कई मांगों को लेकर भी नाराजगी जताई गई है।
शिक्षक नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ…तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

अब देखना होगा कि सरकार इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेती है…क्योंकि जनगणना जैसे अहम कार्य पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
