हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद कार्यक्रम स्थल के कथित शुद्धिकरण को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। सभा के बाद हवन-पूजन कर मंच का शुद्धिकरण किए जाने के मामले को कांग्रेस ने अनुसूचित जाति वर्ग का अपमान बताया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को इस घटना के विरोध में प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के कार्यकर्ताओं ने पुलिस मुख्यालय का घेराव करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ तहरीर दी। कार्यकर्ताओं ने एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
कांग्रेस का आरोप है कि मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद मंच का शुद्धिकरण किया जाना सामाजिक भेदभाव को दर्शाता है और इससे अनुसूचित जाति वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं। पार्टी ने इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं देहरादून के विकासनगर में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस मामले को लेकर विरोध जताया। पूर्व नेता प्रतिपक्ष और चकराता विधायक प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थानों में शिकायत पत्र सौंपे। विकासनगर, सहसपुर कोतवाली और सेलाकुई थाने में दी गई शिकायतों में शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस मामले को केवल राजनीतिक विवाद के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे सामाजिक सम्मान और समानता से जुड़े मुद्दे के रूप में देखा जाना चाहिए। कार्यकर्ताओं ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है।
उधर, रुद्रपुर में भी कांग्रेस ने शुद्धिकरण मामले को लेकर कोतवाली का घेराव किया और 16 लोगों के खिलाफ तहरीर देकर एससी-एसटी एक्ट में कार्रवाई की मांग की। मामले को लेकर उत्तराखंड में कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।

