उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम ने तेवर दिखाए हैं। शनिवार सुबह से प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, पौड़ी और टिहरी के कुछ इलाकों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं अन्य जिलों में भी भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी है। मौसम विभाग ने 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई है।
लगातार बारिश का असर प्रदेश की सड़कों पर भी देखने को मिल रहा है। राज्य में बारिश और भूस्खलन के चलते कुल 57 मार्ग बंद बताए गए हैं। इनमें अल्मोड़ा के दो, बागेश्वर के चार, चमोली के आठ, देहरादून के आठ और नैनीताल के 11 मार्ग शामिल हैं। इसके अलावा पौड़ी में तीन, पिथौरागढ़ में 11, रुद्रप्रयाग में तीन, टिहरी में पांच और उत्तरकाशी में दो सड़कें बंद हैं। कई मार्गों पर मलबा आने से आवाजाही प्रभावित हुई है।
बारिश के कारण नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। हरिद्वार में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। वहीं रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी तथा बागेश्वर में सरयू नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के पास बताया गया है। ऐसे में नदी और नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम खराब होने का सीधा असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने चारधाम यात्रा को रविवार तक स्थगित करने के आदेश दिए हैं। यात्रा संचालन से जुड़े ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड का काम भी रोक दिया गया है। यात्रियों को ट्रांजिट कैंप में रुकने की सलाह दी गई है।
उधर, ऋषिकेश में बढ़ते गंगा जलस्तर और खराब मौसम को देखते हुए राफ्टिंग गतिविधियों पर भी अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। देहरादून एयरपोर्ट पर भी खराब मौसम के कारण उड़ानें प्रभावित हुईं।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। संवेदनशील क्षेत्रों, भूस्खलन संभावित इलाकों और नदी-नालों के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है। मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक पर्वतीय यात्रा से बचने और मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

