देहरादून : ऋषिकेश स्थित केंद्रीय विद्यालय आईडीपीएल से जुड़ी एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के प्रयासों से विद्यालय के लिए 2.41 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण को केंद्र सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस निर्णय पर खुशी जताते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव का आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय विद्यालय आईडीपीएल, ऋषिकेश के पुनर्निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण का मामला लंबे समय से लंबित था। हालात इतने गंभीर हो गए थे कि केंद्रीय विद्यालय संगठन ने नए सत्र में प्रवेश प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी, जिससे स्कूल के बंद होने का खतरा पैदा हो गया था। इससे क्षेत्र के सैकड़ों छात्रों की शिक्षा प्रभावित होने की आशंका थी।
सांसद रावत के अनुसार, जैसे ही यह मामला उनके संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत इसे केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों के समक्ष उठाया। लगातार प्रयासों और समन्वय के बाद पर्यावरण मंत्रालय ने 2.41 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है।
इस फैसले के बाद अब स्कूल के बंद होने का संकट टल गया है। साथ ही, नए सत्र में एडमिशन प्रक्रिया फिर से शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है और विद्यालय भवन के पुनर्निर्माण कार्य को भी गति मिलने की उम्मीद है।
सांसद ने कहा कि यह स्वीकृति वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 के प्रावधानों के तहत दी गई है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा से जुड़ी सभी शर्तों का पालन सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने इसे विकास और पर्यावरण संतुलन का बेहतर उदाहरण बताया।
साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों की जरूरतों को समझते हुए संवेदनशील और त्वरित निर्णय ले रही है, जिससे प्रदेश के विकास को नई दिशा मिल रही है।

उन्होंने विश्वास जताया कि इस फैसले से क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक सुविधाएं मिलेंगी और उनका भविष्य सुरक्षित होगा।
