बद्रीनाथ
बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में अब कार्रवाई और तेज हो गई है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति यानी बीकेटीसी की शिकायत पर आरोपी कर्मचारी के खिलाफ बदरीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि मंदिर समिति पहले ही आरोपी कर्मचारी को निलंबित कर चुकी है।
मामले में आरोपी वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल पर मंदिर के चढ़ावे में वित्तीय अनियमितता और हेराफेरी के गंभीर आरोप लगे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मामले का सख्त संज्ञान लेने के बाद बीकेटीसी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रारंभिक जांच में कर्मचारी के खिलाफ प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिलने पर तीन जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद मामले की निष्पक्ष जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया। समिति की प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई और आरोपी कर्मचारी को बीकेटीसी कार्यालय जोशीमठ से संबद्ध कर दिया गया।
उधर, शासन स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिया गया है। गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई है। समिति को पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में चढ़ावे की गणना, वित्तीय रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित दस्तावेजों की गहन पड़ताल की जा रही है।
बीकेटीसी की शिकायत पर अब पुलिस ने भी आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बदरीनाथ धाम देश के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु आस्था के साथ चढ़ावा अर्पित करते हैं। ऐसे में चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद श्रद्धालुओं में भी चिंता है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

