दिनेश आर्य
उत्तराखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रहा सस्पेंस अब खत्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट के लिए वरिष्ठ नेता दिनेश आर्य को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने रविवार को उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया।
नैनीताल निवासी दिनेश आर्य लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े हुए हैं। वह नैनीताल जिला भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वर्तमान में वह सरकार में दायित्वधारी हैं। इसके अलावा वह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पीआरओ भी रह चुके हैं।
दिनेश आर्य ने साल 2022 के विधानसभा चुनाव में नैनीताल सीट से भाजपा के टिकट के लिए दावेदारी की थी। हालांकि पार्टी ने उस समय सरिता आर्य को उम्मीदवार बनाया था। इसके बाद दिनेश आर्य ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। बाद में पार्टी नेतृत्व ने उन्हें मनाया और सरकार में जिम्मेदारी दी गई।
राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर दिनेश आर्य के नाम के ऐलान के बाद उत्तराखंड की राजनीति में इसके सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। खबर के मुताबिक, हाल ही में हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद भाजपा पर दलित विरोधी होने के आरोप लगाए गए थे। ऐसे में माना जा रहा है कि दिनेश आर्य को उम्मीदवार बनाकर भाजपा ने इस राजनीतिक आरोप की काट करने की कोशिश की है।
राज्यसभा सीट के लिए भाजपा ने प्रदेश से 15 संभावित दावेदारों के नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेजे थे। अब पार्टी ने दिनेश आर्य के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी है।
उत्तराखंड की इस राज्यसभा सीट के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है। मौजूदा राज्यसभा सदस्य का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। ऐसे में दिनेश आर्य के नाम के ऐलान के बाद अब मुकाबले और चुनावी रणनीति पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

