देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे
देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लोगों को अभी कुछ दिन और सतर्क रहना होगा। एक्सप्रेसवे की एलिवेटेड रोड के ऊपर मौजूद विशाल चट्टानें अब भी चुनौती बनी हुई हैं। इन चट्टानों से बारिश के दौरान पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है, जिसके चलते एनएचएआई लगातार इन्हें हटाने के काम में जुटा है। सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल इस मार्ग पर यातायात डायवर्ट रखा गया है।
एनएचएआई के अनुसार एलिवेटेड रोड के लिए कुल छह चट्टानें खतरा बनी हुई थीं। इनमें से तीन चट्टानों को सफलतापूर्वक हटाया जा चुका है, जबकि बाकी तीन चट्टानों को हटाने का कार्य अभी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि शेष कार्य पूरा होने में लगभग एक सप्ताह का समय और लग सकता है। इसके बाद ही मार्ग को पूरी तरह सामान्य रूप से खोला जाएगा। यह एलिवेटेड रोड पहाड़ को काटकर तैयार की गई है। ऐसे में मानसून के दौरान ढीली चट्टानों और पत्थरों के गिरने की आशंका बनी रहती है। इसी जोखिम को देखते हुए एनएचएआई ने पहले से ही इन चट्टानों को हटाने का निर्णय लिया था, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
हालांकि आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दोपहिया वाहनों के लिए कई स्थानों पर आवाजाही जारी रखी गई है। वहीं अन्य वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई है, ताकि लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।
गौरतलब है कि एनएचएआई ने दावा किया था कि मानसून शुरू होने से पहले, यानी 8 जून तक चट्टान हटाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका। अब बारिश शुरू होने से कार्य की रफ्तार भी प्रभावित हो रही है, जिससे परियोजना में देरी हो रही है।
परियोजना निदेशक सौरभ सिंह के अनुसार तीन चट्टानें हटाई जा चुकी हैं और शेष तीन को हटाने का कार्य तेजी से जारी है। उन्होंने बताया कि अगले एक सप्ताह में मुख्य कार्य पूरा कर मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित बनाकर यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि डायवर्जन व्यवस्था का पालन करें और निर्माण कार्य पूरा होने तक सावधानी के साथ यात्रा करें।

