बदरीनाथ धाम से बड़ी खबर सामने आई है। पिछले 15 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति यानी बीकेटीसी के अस्थायी कर्मचारियों ने आखिरकार अपनी हड़ताल समाप्त कर दी है। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की पहल और कर्मचारियों के साथ हुई सकारात्मक बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया। लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे कर्मचारियों को अब समाधान की उम्मीद जगी है।
दरअसल, बीकेटीसी के अस्थायी कर्मचारी पिछले 15 दिनों से बदरीनाथ धाम में क्रमिक अनशन पर बैठे थे। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वन टाइम सेटलमेंट, समान वेतन-समान अधिकार और सेवा संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान शामिल था। कर्मचारियों का कहना था कि लंबे समय से उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हो रही है, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
मंगलवार को बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बदरीनाथ धाम पहुंचकर अनशन कर रहे कर्मचारियों और उनके प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान कर्मचारियों की मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही 22 मार्च 2025 को वेतन वृद्धि को लेकर गठित कमेटी की संस्तुतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के बाद कर्मचारियों की समस्याओं के स्थायी और निष्पक्ष समाधान के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया। इस कमेटी में बोर्ड के दोनों उपाध्यक्षों के साथ वरिष्ठ अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया गया है।
बीकेटीसी प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों को आश्वासन दिया गया है कि आगामी 15 दिनों के भीतर उनके मांग पत्र पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और सम्मानजनक समाधान निकालने का प्रयास होगा।
प्रबंधन से मिले इस आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने अपना क्रमिक अनशन समाप्त करने का फैसला लिया। 15 दिनों से जारी आंदोलन खत्म होने पर कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या 15 दिनों के भीतर गठित कमेटी कर्मचारियों की सभी प्रमुख मांगों का समाधान निकाल पाएगी या फिर उन्हें अपनी मांगों के लिए दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। फिलहाल हड़ताल खत्म होने से बीकेटीसी प्रबंधन और कर्मचारियों दोनों ने राहत महसूस की है।

