जमीन घोटाले
देहरादून में जमीनों में फर्जीवाड़ा कर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में कांग्रेस पार्षद अमित भंडारी उर्फ दीपू को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले मुख्य आरोपी प्रदीप सकलानी और उसका साथी अजय सजवाण गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस पूछताछ में गैंगस्टर प्रदीप सकलानी ने कई लोगों के नाम उजागर किए, जिसके बाद पूरे मामले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह खासतौर पर पहाड़ के भोले-भाले लोगों, फौजियों और अन्य राज्यों में रहने वाले उत्तराखंड मूल के लोगों को निशाना बनाता था। आरोपी खुद को पहाड़ी मूल का बताकर भरोसा जीतते और देहरादून में सस्ते दामों पर जमीन दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद किसी अन्य व्यक्ति की जमीन को अपनी या परिचित की बताकर लाखों रुपये की ठगी की जाती थी।
मामला पिछले साल अक्टूबर में सामने आया था, जब सहस्रधारा रोड निवासी विक्रम सिंह ने रायपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक उन्होंने मालदेवता क्षेत्र में जमीन खरीदने के लिए प्रदीप सकलानी, अभय कुमार और अजय सजवाण से संपर्क किया था। आरोपियों ने उनसे 30 लाख रुपये ले लिए, लेकिन बाद में जांच में पता चला कि जिस जमीन का सौदा किया गया था, उसका आरोपियों से कोई संबंध ही नहीं था।
जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने चेक दिए, लेकिन वे भी बाउंस हो गए। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी प्रदीप सकलानी के खिलाफ पहले से ही 27 मुकदमे दर्ज हैं और उस पर 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि पूछताछ में प्रदीप सकलानी ने कांग्रेस पार्षद अमित भंडारी, पत्रकार हेम भट्ट, अमजद खान और शौकत अली के नाम भी लिए थे। इन सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर अमित भंडारी को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि अन्य लोगों से भी पूछताछ जारी है।
इस मामले में पत्रकार हेम भट्ट को हिरासत में लेने के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया था। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

