उत्तराखंड के महान जनकवि, लोकगायक और सामाजिक चेतना के सशक्त स्वर गिरीश तिवारी ‘गिर्दा’ की 16वीं पुण्यतिथि पर प्रेस क्लब बागेश्वर में उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रेस क्लब पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने गिर्दा के योगदान को याद किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेस क्लब अध्यक्ष चंदन सिंह परिहार ने की। उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय गिर्दा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्प अर्पित किए। इस दौरान प्रेस क्लब सचिव जगदीश उपाध्याय ने गिर्दा के जीवन, साहित्यिक योगदान और सामाजिक आंदोलनों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने कहा कि गिर्दा ने अपने गीतों और कविताओं के माध्यम से उत्तराखंड की लोक संस्कृति, प्रकृति, सामाजिक सरोकारों और जनभावनाओं को आवाज दी। उनका साहित्य आज भी पहाड़ के लोगों को अपनी संस्कृति और अधिकारों के प्रति जागरूक करने का काम कर रहा है। सभा में मौजूद लोगों ने भी गिर्दा के व्यक्तित्व और कृतित्व से जुड़े अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान गिर्दा द्वारा रचित और गाए गए प्रसिद्ध गीत ‘उत्तराखंड म्यर मातृभूमि’ का सामूहिक रूप से गायन किया गया। गीत के माध्यम से लोगों ने गिर्दा की स्मृतियों को नमन किया और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर वृक्षमित्र किशन सिंह मलड़ा ने उपस्थित लोगों को विभिन्न प्रजातियों के पौधे भेंट किए। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद प्रेस क्लब परिसर में गिर्दा की स्मृति में सामूहिक पौधारोपण भी किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक चेतना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।
इस दौरान प्रेस क्लब उपाध्यक्ष हरीश नगरकोटी, गणेश दत्त कांडपाल, नरेंद्र सिंह खेतवाल, रमेश प्रकाश पर्वतीय, संजय साह जगाती, किशन राम, सुरेश सिंह सोनियाल, घनश्याम जोशी, महीप पांडेय, सुंदर सिंह सुरकाली, मनोज सिंह टंगड़िया, राजकुमार सिंह परिहार, हिमांशु गढ़िया, दीप भट्ट, मनोज कुमार और बसंत चंदोला समेत कई लोग मौजूद रहे।

