उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक संगीत को देश-दुनिया में पहचान दिलाने वाली दो प्रसिद्ध लोक कलाकारों डॉ. रेशमा शाह और लोक जागर गायिका हेमा नेगी करासी के लिए बड़ी खुशखबरी है। उत्तराखंड सरकार द्वारा दोनों कलाकारों को प्रतिष्ठित उत्तराखंड गौरव सम्मान-2026 से सम्मानित किया जाएगा। दोनों कलाकारों ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और वर्षों की सांस्कृतिक साधना के दम पर देवभूमि की लोक परंपराओं को नई पहचान दिलाई है। इन दोनों को मिलने वाला यह सम्मान पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व और गौरव का विषय है।
डॉ. रेशमा शाह ने अपने लोकगीतों, पारंपरिक लोक संगीत, पहाड़ी वेशभूषा, आभूषणों और लोकनृत्यों के माध्यम से उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एक दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर उन्होंने अपनी प्रतिभा और निरंतर प्रयासों से संगीत जगत में विशेष पहचान बनाई है। संगीत के क्षेत्र में डॉक्टरेट की मानद उपाधि और प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार से सम्मानित होना उनकी सांगीतिक उपलब्धियों का प्रमाण है।
वहीं, लोक जागर गायिका हेमा नेगी करासी ने उत्तराखंड की पारंपरिक जागर गायन शैली और लोक संस्कृति को संरक्षित करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने अपनी गायकी के माध्यम से पहाड़ की धार्मिक मान्यताओं, लोक देवताओं, पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत को लोगों तक पहुंचाया है। जागर जैसी पारंपरिक लोक विधा को नई पीढ़ी के बीच लोकप्रिय बनाने और उसे व्यापक मंच प्रदान करने में उनका योगदान सराहनीय रहा है।
डॉ. रेशमा शाह और हेमा नेगी करासी दोनों ने अपनी कला के माध्यम से उत्तराखंड की पहचान को मजबूत किया है। एक ओर जहां डॉ. रेशमा शाह ने लोकगीतों और पारंपरिक संगीत को देश-विदेश के मंचों तक पहुंचाया, वहीं हेमा नेगी करासी ने लोक जागर की प्राचीन परंपरा को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इन दोनों कलाकारों की उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह पहाड़ की महिलाओं की प्रतिभा, संघर्ष, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक पहचान की भी प्रेरणादायक मिसाल हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि उत्तराखंड के दूरस्थ गांवों से निकलकर भी अपनी कला और मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।
उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में दोनों कलाकारों का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उत्तराखंड गौरव सम्मान-2026 के लिए उनका चयन प्रदेश की सांस्कृतिक प्रतिभाओं के प्रति सम्मान और लोक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
डॉ. रेशमा शाह और हेमा नेगी करासी को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। उम्मीद है कि दोनों कलाकार भविष्य में भी अपनी स्वर साधना के माध्यम से देवभूमि उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं का गौरव देश-दुनिया में बढ़ाती रहेंगी।
