उत्तराखंड में करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने करवा चौथ के अवसर पर 29 अक्टूबर यानी गुरुवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इस संबंध में सरकार की ओर से आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है। फैसले से प्रदेश की महिला कर्मचारियों को त्योहार मनाने और पूजा-पाठ की तैयारियों के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।
करवा चौथ हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं। महिलाएं सुबह से ही व्रत की शुरुआत करती हैं और पूरे दिन बिना अन्न-जल ग्रहण किए उपवास रखती हैं। शाम को पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना की जाती है और रात में चंद्रमा के दर्शन करने के बाद अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है।
त्योहार को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिलता है। घरों में पूजा की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। बाजारों में भी करवा, पूजन सामग्री, मिठाइयों, कपड़ों और शृंगार के सामान की खरीदारी को लेकर रौनक बढ़ जाती है। महिलाएं इस खास दिन के लिए पारंपरिक परिधान और सोलह शृंगार की तैयारी भी करती हैं।
सरकार के इस फैसले से खासतौर पर उन महिला कर्मचारियों को राहत मिलेगी, जिन्हें नौकरी और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच त्योहार की तैयारियां करनी पड़ती हैं। सार्वजनिक अवकाश मिलने से वे अपने परिवार के साथ करवा चौथ का पर्व मना सकेंगी।
गौरतलब है कि करवा चौथ को लेकर प्रदेशभर में तैयारियां जोरों पर हैं। अब सरकार की ओर से अवकाश घोषित किए जाने के बाद त्योहार की खुशियां और बढ़ गई हैं। 29 अक्टूबर को करवा चौथ के मौके पर उत्तराखंड में सार्वजनिक अवकाश रहेगा।

