चमोली के पोखरी क्षेत्र में सोमवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब स्कूल जा रहे बच्चों के सामने अचानक भालू अपने दो शावकों के साथ आ गया। करीब सुबह साढ़े सात बजे नैल, गुनाम और सिडेली गांवों के 15 छात्र राजकीय इंटर कॉलेज गोडली जा रहे थे। धोगडाम तोक के पास अचानक भालू दिखाई देने से बच्चे घबरा गए और चीखते हुए गांव की ओर वापस भागने लगे। गनीमत रही कि भालू ने बच्चों पर हमला नहीं किया और सभी सुरक्षित घर पहुंच गए।
घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों से संपर्क किया और बच्चों को फिलहाल अकेले स्कूल न भेजने की सलाह दी। प्रधानाचार्य रूपचंद सैलानी ने घटना की पुष्टि की है। वहीं वन विभाग को भी मामले की सूचना दी गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रही भालू की गतिविधियों से लोगों में डर का माहौल है। खासकर बच्चों का स्कूल जाना चुनौती बनता जा रहा है। ग्रामीणों ने स्कूल जाने वाले रास्तों और प्रभावित इलाकों में गश्त बढ़ाने की मांग की है।
बताया गया कि इससे पहले कृष्ण जन्माष्टमी के दिन सिडेली गांव की विमला देवी और लक्ष्मी देवी जंगल में घास लेने गई थीं। भालू से बचने की कोशिश में दोनों खाई में गिर गईं, जिसमें विमला देवी की मौत हो गई और लक्ष्मी देवी गंभीर रूप से घायल हुईं।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में लगातार गश्त की जा रही है और कई स्थानों पर कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। छात्रों के सामने भालू दिखाई देने वाली जगह पर भी टीम भेजकर निगरानी बढ़ाई जाएगी। विभाग ने ग्रामीणों और छात्रों से सतर्क रहने की अपील की है।

