शैलेश मटियानी
शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 19 शिक्षकों को प्रतिष्ठित शैलेश मटियानी राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। देहरादून स्थित लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने शिक्षकों को पुरस्कार प्रदान किए। सम्मान समारोह में शिक्षकों के समर्पण, नवाचार और शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को सराहा गया।
इस वर्ष पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों में प्रारंभिक शिक्षा के 12, माध्यमिक शिक्षा के छह और प्रशिक्षण संस्थान से एक शिक्षक शामिल हैं। प्रारंभिक शिक्षा के तहत पौड़ी के विष्णुपाल सिंह नेगी, चमोली के लखपत सिंह रावत, उत्तरकाशी के पृथ्वी सिंह रावत, देहरादून के वीरेंद्र सिंह रावत, हरिद्वार के रोबिन कुमार, टिहरी के महेश्वर प्रसाद सेमवाल, रुद्रप्रयाग के शशिकांत नौटियाल, चंपावत के जहीर अब्बास, ऊधमसिंह नगर के नौ सिंह, नैनीताल की डॉ. श्वेता, पिथौरागढ़ के विक्रम सिंह परिहार और अल्मोड़ा के त्रिलोक सिंह अधिकारी को सम्मानित किया गया।
वहीं माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में पौड़ी के नरेंद्र सिंह नेगी, चमोली की डॉ. सुमन ध्यानी शर्मा, देहरादून के डॉ. अतुल कुमार श्रीवास्तव, हरिद्वार के कमलेश पंवार, चंपावत के नवीन चंद्र पंत और नैनीताल के विशन सिंह मेहता को पुरस्कार दिया गया। प्रशिक्षण संस्थान से उत्तरकाशी के डॉ. सुबोध सिंह बिष्ट को सम्मानित किया गया।
शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार हर साल शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय और उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को प्रदान किया जाता है। इसका उद्देश्य शिक्षकों के समर्पण और उनके प्रयासों को पहचान देना है, ताकि शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहन मिल सके।
शिक्षक दिवस पर आयोजित इस समारोह ने प्रदेश के उन शिक्षकों के योगदान को सामने रखा, जो अपने-अपने स्तर पर विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए लगातार काम कर रहे हैं। राज्यपाल द्वारा सम्मानित किए गए इन 19 शिक्षकों के लिए यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सम्मान है, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके वर्षों के समर्पण की पहचान भी है।

