हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण को लेकर उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। मामले के विरोध में कांग्रेस ने देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया और सचिवालय कूच का ऐलान किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर विरोध जताया। पुलिस ने गणेश गोदियाल को हिरासत में ले लिया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को हुई खरगे की जनसभा के बाद मंच का कथित रूप से शुद्धिकरण कराया गया। कांग्रेस इसे सामाजिक समानता, भाईचारे और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बता रही है। पार्टी नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और शुद्धिकरण कराने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
देहरादून में कांग्रेस भवन से शुरू हुआ प्रदर्शन सचिवालय की ओर बढ़ा। सुभाष रोड पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत कई वरिष्ठ नेता बैरिकेडिंग पर चढ़कर प्रदर्शन करने लगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इसी दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की अचानक तबीयत बिगड़ गई। धक्का-मुक्की के बाद उन्हें सांस फूलने और घबराहट की शिकायत हुई। इसके बाद उन्हें तत्काल दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने ईसीजी समेत जरूरी जांच की। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक जांच के बाद उनकी हालत सामान्य और स्थिर बताई गई।
वहीं कांग्रेस नेताओं ने देहरादून के अलग-अलग थानों और पुलिस अधिकारियों को शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग भी की है। कांग्रेस का कहना है कि जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अब इस पूरे विवाद ने उत्तराखंड की सियासत में नया मोड़ ला दिया है। एक तरफ कांग्रेस सड़क पर उतरकर कार्रवाई की मांग कर रही है, तो दूसरी तरफ पुलिस और प्रशासन के स्तर पर मामले से जुड़े तथ्यों की जांच का दबाव बढ़ गया है।

