देहरादून के जौलीग्रांट क्षेत्र से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां बड़ासी ग्रांट में एक हाथी के हमले में गंभीर रूप से घायल हुई महिला ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों में वन विभाग की व्यवस्था को लेकर नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
बताया जा रहा है कि धनियाडी बड़ासी ग्रांट निवासी अंजली गुप्ता शाम करीब 7 बजकर 15 मिनट पर अपने मायके से दूध लेकर वापस अपने रेस्टोरेंट की ओर लौट रही थीं। वह अपने घर से कुछ ही दूरी पर पहुंची थीं कि गली में खड़े एक हाथी ने अचानक उन पर हमला कर दिया।
हाथी के अचानक हमले से महिला को संभलने तक का मौका नहीं मिला। हमले में वह बुरी तरह घायल हो गईं। आसपास मौजूद लोगों ने महिला की चीख-पुकार सुनी तो मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के पहुंचने के बाद हाथी जंगल की ओर चला गया।
इसके बाद गंभीर हालत में अंजली गुप्ता को तत्काल देहरादून के सीएमआई अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में भर्ती किया, जहां उनका इलाज चल रहा था। बताया जा रहा है कि हाथी के हमले में महिला की कई पसलियां टूट गई थीं और उनकी हालत बेहद गंभीर थी। परिजनों के मुताबिक इलाज के दौरान देर रात अंजली गुप्ता की मौत हो गई। मौत की खबर सामने आते ही परिवार में कोहराम मच गया, वहीं इलाके में भी शोक की लहर है।
अंजली गुप्ता का एयरपोर्ट-रायपुर मुख्य मार्ग पर धनियाडी क्षेत्र में रेस्टोरेंट बताया जा रहा है। उनके छोटे भाई अखिलेश मनवाल ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि उनकी बहन धनियाडी में रहती थीं और घटना के समय दूध लेकर वापस लौट रही थीं।
इस घटना ने एक बार फिर जौलीग्रांट और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इंसानों और हाथियों के बीच बढ़ते संघर्ष की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आबादी वाले इलाकों में हाथियों की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था कितनी प्रभावी है। अब ग्रामीणों की नजर वन विभाग की कार्रवाई पर है। लोगों की मांग है कि आबादी वाले क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही को रोकने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटना दोबारा न हो।

