चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र में आमसौड़ के पास भारी भूस्खलन के कारण बंद हुआ सिमली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग आखिरकार 41 घंटे बाद सभी वाहनों के लिए खोल दिया गया। हाईवे खुलने के बाद स्थानीय लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों ने राहत की सांस ली।
बुधवार देर रात हुई भारी बारिश के बाद पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर सड़क पर आ गिरे थे। इसके कारण राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया था। सड़क बंद होने से कर्णप्रयाग, थराली, देवाल और पिंडर घाटी के कई इलाकों का संपर्क प्रभावित हुआ। दूध, सब्जियां और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति भी बाधित हो गई थी।
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीमों ने लगातार 41 घंटे तक राहत और पुनर्स्थापना अभियान चलाया। खराब मौसम और लगातार गिर रहे पत्थरों के बावजूद कर्मचारियों ने भारी मशीनों की मदद से मलबे को हटाने का काम जारी रखा। शुक्रवार शाम करीब पांच बजे सड़क को पूरी तरह साफ कर दिया गया, जिसके बाद सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू कर दी गई।
हाईवे खुलने के बाद दोनों ओर फंसे वाहनों को धीरे-धीरे निकाला गया। इस दौरान प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और मौसम की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की अपील की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन की घटनाओं से पहाड़ी इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सड़कें बंद होने से लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। लगातार हो रहे भूस्खलन ने एक बार फिर पहाड़ों में सड़क सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, फिलहाल हाईवे खुलने से लोगों को बड़ी राहत मिली है।

