गोपेश्वर/चमोली। बदरीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित हेराफेरी मामले में मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल पर पुलिस ने शिकंजा और कस दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट हिना कौसर की अदालत ने आरोपी को 28 जुलाई से 31 जुलाई तक पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद अब जांच एजेंसियों को आरोपी से गहन पूछताछ करने और मामले से जुड़े अहम तथ्यों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
पुलिस की विशेष जांच टीम ने अदालत से आरोपी की कस्टडी रिमांड की मांग की थी। इससे पहले दो बार पुलिस की ओर से दायर रिमांड याचिकाएं अदालत ने खारिज कर दी थीं, लेकिन तीसरे प्रयास में अदालत ने पुलिस के पक्ष को स्वीकार करते हुए रिमांड की अनुमति प्रदान कर दी। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान चढ़ावे में कथित अनियमितताओं, धन के लेन-देन और अन्य संभावित आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
इस बीच बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने चढ़ावा गणना व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए बड़े बदलाव किए हैं। गणना कक्ष में मंदिर परिसर की ओर शीशे की मजबूत दीवार बनाई गई है, जबकि ऊपरी हिस्से में करीब तीन फीट ऊंची लोहे की जाली लगाई गई है। इसके अलावा पूरे गणना कक्ष में पांच हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि चढ़ावे की गिनती के दौरान होने वाली हर गतिविधि की रिकॉर्डिंग और निगरानी की जा सके।
उधर, पुलिस द्वारा गठित जांच समिति चढ़ावे से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय अभिलेखों की विशेषज्ञों से जांच करा रही है। सीसीटीवी फुटेज का भी बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है और जिन कर्मचारियों की गतिविधियां संदिग्ध दिखाई दे रही हैं, उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।
शासन के निर्देश पर मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय जांच समिति भी समानांतर रूप से पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। जांच एजेंसियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि चढ़ावे में कथित हेराफेरी कैसे हुई, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।

