उत्तराखंड में विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच पौड़ी जिले की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में रिकॉर्ड संबंधी खामियां सामने आई हैं। निर्वाचन विभाग की जांच में जिले के 5 लाख 54 हजार 827 मतदाताओं में से 1 लाख 58 हजार 733 मतदाताओं के रिकॉर्ड में विसंगतियां पाई गई हैं। अब इन सभी मामलों का दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन किया जाएगा।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, 34 हजार 480 मतदाताओं के रिकॉर्ड में ‘नो मैपिंग’ की समस्या सामने आई है, यानी उनका वर्तमान रिकॉर्ड पुराने रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहा है। वहीं 1 लाख 24 हजार 253 मतदाताओं के नाम, जन्मतिथि या अन्य व्यक्तिगत विवरण में अंतर पाया गया है। ऐसे सभी मतदाताओं को 14 जुलाई से नोटिस जारी किए जा रहे हैं और आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद ही उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।
यदि विधानसभा क्षेत्रों की बात करें तो सबसे अधिक 39 हजार 939 विसंगतियां कोटद्वार विधानसभा में दर्ज की गई हैं। इसके अलावा चौबट्टाखाल में 26 हजार 152, यमकेश्वर में 26 हजार 255, श्रीनगर में 25 हजार 755, पौड़ी में 21 हजार 796 और लैंसडोन में 18 हजार 836 मामलों की पहचान हुई है। हालांकि निर्वाचन विभाग का कहना है कि जिले में 90.63 प्रतिशत मतदाता रिकॉर्ड का डिजिटाइजेशन कार्य पूरा किया जा चुका है।
एसआईआर के दौरान जिले में 51 हजार 972 मतदाता एएसडीडी यानी Absent, Shifted, Dead और Duplicate श्रेणी में भी चिन्हित किए गए हैं। इनमें 31 हजार 458 स्थानांतरित, 9 हजार 159 अनुपस्थित, 8 हजार 96 मृत और 3 हजार 72 डुप्लिकेट मतदाता शामिल हैं।
इधर, मतदान व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए पौड़ी जिले की छह विधानसभा सीटों पर 63 नए मतदान केंद्रों को भी मंजूरी मिल गई है। इसके बाद जिले में मतदान केंद्रों की संख्या 945 से बढ़कर 1008 हो जाएगी, जबकि सबसे अधिक 19 नए मतदान केंद्र श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में बनाए जाएंगे।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के अनुसार, कई मामलों में केवल वर्तनी या तकनीकी त्रुटियां सामने आई हैं, जिन्हें सत्यापन के दौरान ठीक किया जाएगा। 14 जुलाई से एसआईआर का दूसरा चरण शुरू हो चुका है और दस्तावेजों की जांच के बाद अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी।

