उत्तराखंड में प्राथमिक शिक्षक भर्ती की लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगार एक बार फिर सड़क पर उतर आए हैं। देहरादून में उत्तराखंड डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगार संघ ने प्रदर्शन कर सरकार से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रशिक्षण पूरा किए दो वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक भर्ती का कोई विज्ञापन जारी नहीं किया गया, जिससे हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
संघ के पदाधिकारियों ने शिक्षा सचिव को ज्ञापन सौंपते हुए वर्ष 2021-22 बैच के प्रशिक्षुओं के हित में प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया तत्काल शुरू करने और रिक्त पदों पर जल्द विज्ञापन जारी करने की मांग की। उनका कहना है कि प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली हैं, लेकिन इसके बावजूद भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा रही है।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि डीएलएड प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही भर्ती निकलेगी, लेकिन लगातार देरी के कारण वे मानसिक तनाव और आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। कई अभ्यर्थी उम्र सीमा को लेकर भी चिंतित हैं और उन्हें डर है कि भर्ती में और देरी हुई तो उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है।
संघ का आरोप है कि विभाग की ओर से पहले कई बार भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे प्रशिक्षित युवाओं में निराशा और असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि यदि जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की है कि प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त पदों का जल्द आकलन कर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि योग्य और प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार मिल सके और सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी दूर हो।
डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगार संघ का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल रोजगार की मांग करना नहीं, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना भी है। अब सभी की नजर सरकार और शिक्षा विभाग पर है कि इन मांगों पर कब तक निर्णय लिया जाता है और प्राथमिक शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हजारों युवाओं को राहत कब मिलती है।

