उत्तराखंड में स्वास्थ्य संबंधी सलाह और जानकारी के लिए 104 हेल्पलाइन का उपयोग करने वाले लोगों के लिए जरूरी खबर है। तकनीकी सुधार कार्य के चलते 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन की सेवाएं 12 जुलाई तक आंशिक रूप से प्रभावित रहेंगी। इस दौरान कॉल रिसीव होने और सेवाएं मिलने में देरी हो सकती है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने हेल्पलाइन के तकनीकी ढांचे को और मजबूत बनाने के लिए मरम्मत और अपग्रेडेशन का कार्य शुरू किया है। विभाग का कहना है कि यह कार्य लोगों को भविष्य में बेहतर और अधिक प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
104 हेल्पलाइन राज्य की महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में शामिल है। इस पर लोग स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, मानसिक स्वास्थ्य सलाह, सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। खासकर दूरदराज और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह हेल्पलाइन काफी उपयोगी साबित होती है।
104 हेल्पलाइन की नोडल अधिकारी डॉ. अरिता सक्सेना ने बताया कि तकनीकी कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि 12 जुलाई तक सभी सुधार कार्य पूरे कर हेल्पलाइन को पूरी तरह सामान्य कर दिया जाए। उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस दौरान यदि कॉल रिसीव होने में देरी हो तो धैर्य बनाए रखें।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह केवल अस्थायी असुविधा है। तकनीकी सुधार पूरा होने के बाद हेल्पलाइन पहले से अधिक तेज, सुरक्षित और बेहतर तरीके से काम करेगी। विभाग लगातार काम कर रहा है ताकि लोगों को जल्द से जल्द निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

