हरिद्वार
हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने श्रद्धालुओं की यात्रा को मातम में बदल दिया। राजस्थान से आए श्रद्धालुओं से भरी एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें एक महिला यात्री की मौत हो गई जबकि 25 अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा।
जानकारी के मुताबिक राजस्थान के नागौर समेत विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं का दल गंगा स्नान के बाद वापस लौटने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान शांतिकुंज के पास हाईवे किनारे खड़ी बस को बैक किया जा रहा था। अचानक चालक बस पर नियंत्रण खो बैठा और बस सड़क पर पलट गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस को पलटता देख सामने से आ रहे एक डंपर चालक ने टक्कर से बचने की कोशिश की, लेकिन उसका वाहन भी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक ढाबे में जा घुसा। हादसे की चपेट में आकर वहां खड़ी एक बुलेरो भी क्षतिग्रस्त हो गई।
दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचे और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंच गई। राहत एवं बचाव अभियान चलाकर घायलों को एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने 50 वर्षीय पुष्पकवर, पत्नी भंवर सिंह, निवासी नागौर राजस्थान को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का इलाज जारी है। कुछ यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
एसडीएम योगेश मेहरा ने बताया कि बस में कुल 45 यात्री सवार थे, जिनमें 26 लोग घायल हुए हैं। प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। वहीं शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त बस को हटाकर यातायात सुचारु कर दिया गया है।
चारधाम और धार्मिक यात्राओं के बीच हुए इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों के संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

