देहरादून। विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 से ही नारी सशक्तिकरण को शासन की प्राथमिकता में रखा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में जेंडर बजट में पांच गुना से अधिक वृद्धि हुई है। वर्ष 2026-27 के बजट में महिलाओं और बालिकाओं के लिए 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान से लिंगानुपात और बालिका शिक्षा में सुधार आया है। संस्थागत प्रसव में भी बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है और “सुकन्या समृद्धि योजना” के तहत करोड़ों खाते खोले गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना” और “स्वच्छ भारत मिशन” जैसी योजनाओं ने महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान को मजबूत किया है। साथ ही तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाकर महिलाओं को अधिकार देने का काम किया गया है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण को लेकर कुछ लोग भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपील की कि नारी सशक्तिकरण जैसे मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर काम किया जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार भी महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। इस वर्ष जेंडर बजट में करीब 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत और सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। साथ ही महिलाओं के लिए विशेष स्पोर्ट्स कॉलेज और अन्य योजनाएं भी चलाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू कर महिलाओं के अधिकारों की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।

